अगर आप जल्दी अमीर बनना चाहते हैं तो इस पौधे की खेती शुरू करें।


 

यूकेलिप्टस की खेती: कम खर्च, ज्यादा मुनाफा

यूकेलिप्टस की खेती: किसानों के लिए नया मुनाफे वाला विकल्प

आज के समय में किसान पारंपरिक फसलों की जगह यूकेलिप्टस की खेती को अपना रहे हैं। कम लागत और कम मेहनत में लाखों का मुनाफा देने के कारण यह किसानों की पहली पसंद बनती जा रही है।

तेजी से बदलते कृषि जगत में किसान अब ऐसे विकल्प चुन रहे हैं जो कम खर्च में ज्यादा लाभ दे सकें। यूकेलिप्टस की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया सहारा बनती जा रही है।

यूकेलिप्टस की विशेषताएं

यह पौधा तेजी से बढ़ता है और इसके लकड़े की फर्नीचर, शटरिंग व कागज उद्योग में भारी मांग रहती है। यह कम पानी और कम मेहनत में भी शानदार उत्पादन देता है।

एक बार पौधा तैयार हो जाए तो यह कई वर्षों तक बिना ज्यादा देखरेख के आय का स्रोत बना रहता है। इसी कारण कई किसान अब गेहूं, चना और धान की जगह यूकेलिप्टस को प्राथमिकता दे रहे हैं।

खेती की प्रक्रिया

विशेषज्ञों के अनुसार, यूकेलिप्टस की क्लोनल वैरायटी जैसे P23, P28 और P7 सबसे लोकप्रिय हैं। इसकी पौध रूट ट्रेलक तकनीक से तैयार की जाती है, जिसकी कीमत मात्र ₹5 से ₹7 प्रति पौधा होती है।

जून से सितंबर के बीच इसकी रोपाई की जाती है। एक एकड़ में लगभग 1000 से 1200 पौधे लगाए जा सकते हैं। 15–20 सेमी गहरे गड्ढों में 5 फीट की दूरी पर पौधे लगाना उचित रहता है।

हर पौधे के पास जैविक खाद डालने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। उचित सिंचाई और देखभाल से पौधा तेजी से बढ़ता है।

लाभ और मुनाफा

सही देखभाल के साथ किसान 5 साल में प्रति एकड़ ₹20 से ₹25 लाख तक का लाभ कमा सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इसके व्यापार पर कोई सरकारी रोक नहीं है, किसान स्वतंत्र रूप से बिक्री कर सकते हैं।

निष्कर्ष

अगर आप भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर एक स्थायी और मुनाफे वाली फसल की तलाश में हैं, तो यूकेलिप्टस की खेती आपके लिए एक समझदारी भरा निवेश साबित हो सकती है।

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